कोशिश

Was pondering upon what I would want from the year 2015, and I formed my thoughts in these verses. Hope you read it, and like it!

 

कोशिश

उदास आँखें कुछ दुआ दे रहीं हैं,

मन भी ज़रा भारी-सा लगता है,

कुछ करना भूल गया था वो कभी,

अब दोबारा कोशिश करता है…

 

कुछ मंज़िलें पहचानने की कोशिश है,

कुछ कदम बढ़ाने की कोशिश है,

कुछ रूठों को तलाशने की कोशिश है,

कुछ रूठों से मान जाने की कोशिश है…

 

कुछ खुद को संवारने की कोशिश है,

कुछ नया स्वीकारने की कोशिश है,

कुछ दुर्बलता हारने की कोशिश है,

कुछ सत्य को धारने की कोशिश है…

 

कुछ उम्मीद उगाने की कोशिश है,

कुछ शंका भगाने की कोशिश है,

कुछ हिम्मत जगाने की कोशिश है,

कुछ दिल लगाने की कोशिश है…

 

यही कोशिशों के साथ आँखें,

और मन मेरा एक सवाल सौंपते हैं,

अपने करम और तेरे मरहम के ज़ोर चलें,

मालिक, तुझको यह साल सौंपते हैं…

 

Wish you a very happy 2015!

 


कुछ औरों के किस्से हैं, कुछ मेरी कल्पना है – सब अपने ही तजुर्बे हैं। कविता कैसी लगी, कमेंट्स में लिखकर बताइएगा…

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One thought on “कोशिश

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